Chapter 16 of 18
Daivasura Sampad Vibhaga Yoga
दैवासुरसम्पद्विभागयोग
Daivāsura Sampad Vibhāg Yog • 24 Verses
📜 Chapter Summary
AI Audio Summary0:00 / 0:00
Meaning
दैवी तथा आसुरी स्वभाव
Summary
भगवद्गीता का षोडश अध्याय: दैवासुर सम्पद् विभाग योग – दैवी और आसुरी प्रवृत्तियों का भेद
कुरुक्षेत्र का मैदान अब नैतिकता और आध्यात्मिकता के निर्णायक मोड़ पर था। अर्जुन ने पुरुषोत्तम का रहस्य समझ लिया था, लेकिन कृष्ण ने अब जीवन के दो स्पष्ट मार्ग दिखाए ...