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Arjuna Vishada Yoga
47 verses
Chapter 1 • Verse 25
Arjuna Vishada Yoga
भीष्मद्रोणप्रमुखतः सर्वेषां च महीक्षिताम् | उवाच पार्थ पश्यैतान्समवेतान्कुरूनिति ||१-२५||
bhīṣmadroṇapramukhataḥ sarveṣāṃ ca mahīkṣitām . uvāca pārtha paśyaitānsamavetānkurūniti ||1-25||
🌸 Hindi Translation
।।1.24 -- 1.25।। संजय बोले - हे भरतवंशी राजन्! निद्राविजयी अर्जुन के द्वारा इस तरह कहने पर अन्तर्यामी भगवान् श्रीकृष्ण ने दोनों सेनाओं के मध्यभाग में पितामह भीष्म और आचार्य द्रोण के सामने तथा सम्पूर्ण राजाओं के सामने श्रेष्ठ रथको खड़ा करके इस तरह कहा कि 'हे पार्थ! इन इकट्ठे हुए कुरुवंशियोंको देख'।
— Swami Ramsukhdas