Chapter 12 of 18

Bhakti Yoga

भक्तियोग

Bhakti Yog20 Verses

📜 Chapter Summary

AI Audio Summary0:00 / 0:00

Meaning

भक्तियोग

Summary

भगवद्गीता का द्वादश अध्याय: भक्तियोग – भक्ति का सर्वश्रेष्ठ मार्ग


कुरुक्षेत्र का मैदान अब भक्ति की मधुर सुगंध से महक रहा था। अर्जुन ने विश्वरूप का भयानक और दिव्य दर्शन देख लिया था। उसका मन अब पूरी तरह शांत था, लेकिन एक अंतिम, सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न ...

All 20 Verses