Chapter 13 of 18
Ksetra Ksetrajna Vibhaaga Yoga
क्षेत्र-क्षेत्रज्ञविभागयोग
Kṣhetra Kṣhetrajña Vibhāg Yog • 35 Verses
📜 Chapter Summary
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Meaning
प्रकृति, पुरुष तथा चेतना
Summary
भगवद्गीता का त्रयोदश अध्याय: क्षेत्र-क्षेत्रज्ञ विभाग योग – शरीर और आत्मा का भेद, ज्ञान का सार
कुरुक्षेत्र का मैदान अब ज्ञान की पराकाष्ठा पर पहुंच चुका था। अर्जुन ने भक्ति का सबसे सरल और प्रिय मार्ग सुना था, लेकिन अब कृष्ण ने और गहराई में उतरते हुए ...