Chapter 14 of 18

Gunatraya Vibhaga Yoga

गुणत्रयविभागयोग

Guṇa Traya Vibhāg Yog27 Verses

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Meaning

प्रकृति के तीन गुण

Summary

भगवद्गीता का चतुर्दश अध्याय: गुणत्रय विभाग योग – तीन गुणों का रहस्य और उनसे ऊपर उठना


कुरुक्षेत्र का मैदान अब प्रकृति के गहन रहस्यों से गूंज रहा था। अर्जुन ने क्षेत्र-क्षेत्रज्ञ का भेद समझ लिया था, लेकिन वह और अधिक जानना चाहता था – यह संसार इतना जटिल ...

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