Chapter 14 of 18
Gunatraya Vibhaga Yoga
गुणत्रयविभागयोग
Guṇa Traya Vibhāg Yog • 27 Verses
📜 Chapter Summary
AI Audio Summary0:00 / 0:00
Meaning
प्रकृति के तीन गुण
Summary
भगवद्गीता का चतुर्दश अध्याय: गुणत्रय विभाग योग – तीन गुणों का रहस्य और उनसे ऊपर उठना
कुरुक्षेत्र का मैदान अब प्रकृति के गहन रहस्यों से गूंज रहा था। अर्जुन ने क्षेत्र-क्षेत्रज्ञ का भेद समझ लिया था, लेकिन वह और अधिक जानना चाहता था – यह संसार इतना जटिल ...